विश्व पोहा दिवस -
पोहा दिवस मनाने के पीछे इसके लाजवाब स्वाद को पहचान दिलाना और भारतीय संस्कृति का सम्मान करना है।
विश्व की पोहा राजधानी इंदौर से इस दिवस को मनाने की शुरुआत हुई थी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में पोहा अपने ढंग से खाया जाता है।
चपटा चावल-पोहे को देश के हर कोने में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। तले हुए पोहे को चिवड़ा कहते हैं।
अंग्रेजी में इसे Flattened rice, तमिल में अवल, तेलुगु में अटुकुलु, कन्नड़ में अवलाक्की, असमिया में चीड़ा और गुजराती में पौआ भी कहा जाता है।
इंदौरी पोहा देश-विदेश में मशहूर है।
खाने में स्वादिष्ट, पचाने में हल्का और पौष्टिक।
दिन की शुरुआत के लिए इसे बेहतरीन नाश्ता माना जाता है।
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