Tuesday, April 23, 2019

विश्व पुस्तक दिवस क्यों मनाया जाता है ?

 

  यूनेस्को और इससे जुड़े दूसरे संगठनों की ओर से हर साल 23 अप्रैल को 'विश्व पुस्तक दिवस' मनाया जाता है. इसे विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस (World Book and Copyright Day) भी कहा जाता है. यह किताबों के आनंद और पढ़ने की कला को बढ़ावा देने का अवसर देता है।

विश्व पुस्तक दिवस के तौर पर यूनेस्को ने 23 अप्रैल का चयन विलियम शेक्सपियर, मिगुएल केरवेंट्स और इंका गार्सिएल्सो डे ल वेगा को श्रृद्धांजलि देने के लिए किया क्योंकि इनकी मौत इसी दिन हुई थी। इस तारीख पर यूनेस्को ने 1995 अपनी पेरिस में हुई एक जनरल कांफ्रेंस में मुहर लगाई थी ताकि किताबों और लेखकों को दुनिया भर में सम्मान मिले। भारत मेें पुुुस्तक   दिवस की शुरुआत सन् 2001 मेंं हुई.

क्या है वर्ल्ड बुक डे का उद्देश्य ?

दुनिया भर में किताबों के महत्व को दिखाने के विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है। किताबों को इतिहास और भविष्य के बीच एक पुल की तरह माना जाता है। इस दिन यूनेस्को और इसके दूसरे सहयोगी संगठन अगले एक साल के लिए एक 'वर्ल्ड बुक कैपिटल' का चयन करते हैं ताकि वहां पर अगले एक साल के लिए किताबों के इर्द-गिर्द चलने वाले कार्यक्रम करवाए जाएं। साल 2019 के लिए वर्ल्ड बुक कैपिटल संयुक्त अरब अमीरात का शहर शारजाह था। इसके अगले साल यानि  2020 में मलेशिया का कुआलालंपुर शहर वर्ल्ड बुक कैपिटल बना।
इस दिन के जरिए यूनेस्को का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों के बीच साक्षरता को बढ़ावा देना और सभी तक शैक्षणिक संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करना होता है। इनमें खास तौर से किताबों की इंडस्ट्री के लोग जिनमें लेखक, प्रकाशक, शिक्षक, लाइब्रेरियन, सार्वजनिक और प्राइवेट संस्थाओं, मानव अधिकारों को बढ़ावा देने वाले NGO आदि शामिल रहते हैं। 

क्या थी सन् 2019 का थीम?

यूनेस्को के डायरेक्टर जनरल ऑद्रे अजोले ने 2019 के लिए थीम का खुलासा इस तरह किया, "किताबें सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का एक रूप हैं जो चुनी गई (किताब लिखने के लिए) भाषा में और उसके जरिए जीती है। हर प्रकाशन एक भाषा विशेष में होता है और उस भाषा विशेष के पाठक के लिए होता है। एक किताब किसी भाषाई और सांस्कृतिक परिवेश में लिखी, बनाई गई, बदली गई, प्रयोग की गई होती है और उसकी तारीफ भी उसी परिवेश में होती है। इस साल हम इस महत्वपूर्ण पहलू पर जोर दे रहे हैं क्योंकि यूनेस्को के जरिए 2019 को स्थानीय भाषाओं का अंतरराष्ट्रीय वर्ष भी घोषित किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लोगों की स्थानीय संस्कृति, ज्ञान और अधिकारों की रक्षा की प्रतिबद्धता को पुख्ता किया जा सके।

पुस्तकें क्यों जरूरी है ?

23 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व पुस्तक और प्रकाशनाधिकार दिवस मनाया जाता है। इसे ही विश्व पुस्तक दिवस एवं किताबों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस भी कहा जाता है। अच्छी पुस्तकों का प्रकाशित होना, पढ़ा जाना एवं सहेजा जाना बहुत आवश्यक है। इसलिए इस दिवस को मनाया जाता है। सन् 1995 में पहली बार विश्व पुस्तक और प्रकाशन अधिकार दिवस मनाने की तारीख यूनेस्को द्वारा तय की गई थी। किताबें ज्ञानवर्धन करती है, साथ ही वे हमारा मनोरंजन भी करती हैं। किताबें भाषा-ज्ञान और बुद्धि विकास करती हैं। किताबें पढ़ने से मानसिक बल में  वृद्धि के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। लेकिन जब से मनोरंजन के अन्य साधन आ गए हैं तब से लोग किताबें पढ़ना कम कर चुके हैं। किताबें हमारी विरासत का खजाना है। वर्तमान समय में बच्चों के हाथ से मोबाइल छुड़ाकर उन्हें अच्छी किताबें देना चाहिए और उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहना चाहिए। 
अच्छी व प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकें एक इंसान की जिंदगी बदल सकती हैं। पुस्तक पढ़िए और उन्हें सहेजिये। सम्हाल कर रखिये,अगली पीढ़ी को धन-संपत्ति ट्रांसफर करने की तरह पुस्तकों का उपहार दीजिये।

Sunday, January 20, 2019

Important days of January

1 जनवरी - वैश्विक परिवार दिवस

4 जनवरी - ब्रेल लिपि दिवस
8 जनवरी -  विश्व पृथ्वी परिक्रमण दिवस

8 जनवरी - इस दिन पृथ्वी परिक्रमण दिवस मनाने की वजह यह है कि सन् 1851 में 8 जनवरी के ही दिन फ्रांस के भौतिक शास्त्र के वैज्ञानिक लियोन फोकाल्ट ने सिद्ध किया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है।

09 जनवरी - प्रवासी भारतीय दिवस ( NRI Day) 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। स्वदेश आकर उन्होंने स्वतन्त्रता आंदोलन की अगुवाई की। इसीलिए 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है।

10 जनवरी - विश्व हिन्दी दिवस- 
  10 जनवरी हर साल दुनिया भर में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
 चीन की राष्ट्रीय भाषा मंदारिन, स्पैनिश और इंग्लिश के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा और 13 देशों में बोली जाने वाली भाषा हिंदी ही है। 10 जनवरी 1975 को नागपुर में दुनिया का पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था, तब से प्रति वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

12 जनवरी - राष्ट्रीय युवा दिवस 

15 जनवरी - थल सेना दिवस

15 जनवरी1949 के दिन स्वतंत्र भारत को फील्ड मार्शल के एम करियप्पा के रूप में अपना पहला भारतीय सेना प्रमुख मिला था।
उनके और सेना के सभी जवानों के सम्मान में, तब से लेकर हर साल यह दिन "भारतीय सेना दिवस" के तौर पर मनाया जाता है
23 जनवरी - पराक्रम दिवस
सन् 1897 में आज के दिन ओड़ीसा के कटक में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म हुआ था। आज का दिन पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

24 जनवरी - राष्ट्रीय बालिका दिवस
इस दिन भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने पहली बार 24 जनवरी को प्रधानमंत्री का पद भार ग्रहण किया था।

25 जनवरी - राष्ट्रीय मतदान दिवस
                    राष्ट्रीय पर्यटन दिवस

26 जनवरी - गणतंत्र दिवस

30 जनवरी - शहीद दिवस
30 जनवरी को देश में शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है। इस दिन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख महात्मा गांधी की नाथूराम गौड़से ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।