विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून को मनाया जाता है। किसी आकस्मिक दुर्घटना में हताहत व्यक्ति,प्रसूताओं, गंभीर बीमारी से ग्रस्त रोगी और थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों के लिए खून की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। रक्त की आवश्यकता की पूर्ति का एक माध्यम स्वैच्छिक रक्तदान है। रक्तदाता के खून का ब्लड ग्रुप ज्ञात करके उसके द्वारा दिया गया रक्त रक्त बैंक में संग्रह किया जाता है।
रक्तदान करने से रक्तदाता को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता और रक्तदान एकदम सुरक्षित प्रक्रिया है। एक स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है। दिए गए एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की जान बचाई जा सकती है। ऐसा इसलिए संभव होता है कि दिए गया रक्त को अलग-अलग तीन घटकों रक्त कोशिकाओं, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा में बांट कर आवश्यकतानुसार मरीज को चढ़ाया जाता है।
सबसे ज्यादा पाए जाने वाले ब्लड ग्रुप कौनसा है ?
सबसे ज्यादा कॉमन ब्लड ग्रुप O+ है। भारत में यह 30% लोग O+ब्लड ग्रुप वाले हैं। इस ब्लड ग्रुप वाले लोग O+, A+, B+, AB+ ग्रुप के व्यक्ति को खून दे सकते हैं पर स्वयं केवल O+ और O- वाले ग्रुप का ही रक्त ले सकते हैं।