10 अप्रेल - सिंधी भाषा दिवस-
भारत ही नहींबल्कि संसार के हर कोने में बसे सिंधियों के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है। आज के दिन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 8वें के उस संसोधन विधेयक पर राष्ट्रपति डॉ एस राधाकृष्ण ने हस्ताक्षर किए थे जिससे देश की 14 राजकीय भाषाओं के साथ 15वीं भाषा के रूप में सिंधी भाषा को स्थान मिला। यह सभी सिंधी भारतीयों के लिए गौरव और सम्मान का अवसर था। परंतु यह सम्मान दिलाने के लिए एक अद्वितीय जिजीविषा के धनी सन् 1946 म् गठित संविधान सभा के सम्मानीय सदस्य श्री जयराम दौलतराम थे। जयरामजी का जन्म कराची में 21 जुलाई 1891 में हुआ था।
श्री जयराम ने यह दृढ़ निश्चय कर लिया था कि सिंधी भाषा को भी अन्य 14 भाषाओं की तरह संविधान में आधिकारिक भाषा का दर्जा दिला कर मानेंगे। उनके इस प्रस्ताव का तब के शिक्षा मंत्री मोहम्मद करीम छागला ने खारिज कर दिया और कहा कि सिन्धप्रदेश भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में है इसलिए सिंधी भाषा को देश की आधिकारिक भाषा नहीं मान सकते। जयराम जी ने अपनी कोशिश जारी रखते हुए तर्क दिया कि सिंध प्रांत भारत मे नहीं है लेकिन सिंधी भाषा प्रयोग करने वाले काफी लोग देश मे है जिनका देश की स्वतंत्रता व समृद्धि में योगदान को आदर मिलना चाहिए। उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा को लंबी बहस से सहमत कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल के 12 प्रमुख सदस्यों को भी सिंधी भाषा के महत्व से परिचित कराया।
27 अक्टूबर 1966 को मंत्रिमंडल ने सिंधी भाषा को संविधान में शामिल करना स्वीकार कर लिया। 9 दिसंबर 1966 को इससे संबंधित विधेयक राज्य सभा मे रखा गया जो सभी दलों की सहमति से पास हो गया। यहां यह बताना जरूरी है कि उस समय राज्यसभा में जनसंघ के नेता अटल बिहारी वाजपेयी थे। जिन्होंने जयरामजी से भी पहले सिंधी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने हेतु एक अशासकीय विधेयक पेश किया था। उन्होंने एक वक्तव्य दिया कि यह विधेयक मैंने प्रस्तुत किया है लेकिन इसका श्रेय श्री जयरामजी को मिलना चाहिए। सन् 1966 में आम चुनाव होने वाले थे। इसलिए लोकसभा में भेजे जाने वाले सभी विधेयक अटक गए। चुनावों के बाद यह विधेयक 4 अप्रेल 1967 को पुनः राज्यसभा में प्रस्तुत हुआ और चेती चांद10 अप्रेल के दिन यह विधेयक पास हुआ।
सिंधी भाषा बोलने में संस्कृत और गुजराती भाषा से बहुत मिलती है। लिखने में यह अरबी लिपि की तरह है।
( संदर्भ: आजाद नायक अंक- 11अप्रेल 2021 )


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