विश्व लिवर दिवस 19 अप्रेल को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लिवर अर्थात यकृत से जुड़ी बीमारियों के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी देना, उन्हें इन बीमारियों से बचाव हेतु जागरूक करना है।
लिवर को यकृत और आम भाषा में जिगर या कलेजा भी कहा जाता है। यूँ तो हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग त्वचा है पर मानव शरीर के भीतरी अंगों में सबसे बड़ा अंग कोई है तो वह है- यकृत। यकृत की संरचना मस्तिष्क की तरह ही बेहद जटिल है। मनुष्य में हृदय शरीर के बाईं ओर स्थित होता है वहीं लिवर शरीर के दाहिनी तरफ डायफ्राम के नीचे होता है।
WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में लिवर की बीमारियों से होने वाली मौतों का आंकड़ा काफी बड़ा है। उसमें भी चिंता की बात यह है कि युवाओं में लिवर की बीमारी तेजी से फैलती जा रही है।
यकृत हमारे पाचन तंत्र का एक प्रमुख हिस्सा है। हम सभी जो भी आहार मुंह के जरिये ग्रहण करते हैं वह सब इस लिवर से होकर गुजरता है। लिवर पित्त अर्थात बाइल जूस का स्त्राव करता है जो भोजन को पचाने में सहायक होता है।यह अतिरिक्त शर्करा (ग्लूकोज) को glycogen में बदलकर संग्रहित करता है।
स्वस्थ लिवर तो स्वस्थ तन -
30 वर्ष व इससे अधिक उम्र के लोगों को लिवर का खास ध्यान रखना जरूरी है, विशेषकर उनको जिनका बीएमआई * 25 से ज्यादा है। 45 वर्ष की आयु के बाद समय-समय पर खून की जांच, NAFLD*, और लिवर फंक्शन टेस्ट कराते रहना चाहिए जिससे फैटी लिवर डिसीज़ का सही समय पर पता चल सके। तले खाद्य पदार्थ, ज्यादा नमक-मिर्च आदि का सेवन कम करके, धूम्रपान, शराब बन्द करके, वजन कंट्रोल करके आप NAFLD* से अपना बचाव कर सकते हैं।
लिवर को पसंद है यह भोजन -
पत्तेदार सब्जियां, लहसुन, सेवफल और अखरोट खाएं। ज्यादा नमक-मिर्च व तेल-घी, चावल, आलू आदि लिवर के लिए घातक है। शराब और सिगरेट तो लिवर के दुश्मन है हीं। फास्ट फूड भी आजकल कम उम्र के लोगों में लिवर कमजोर होने का बड़ा कारण बनता जा रहा है। इनमें मिला हुआ सोडियम,पोटेशियम लिवर को नष्ट करने में सबसे आगे रहते हैं।
बीएमआई * - बीएमआई (BMI) यानी बॉडी मास इंडेक्स, ये बताता है कि आपके शरीर का वजन आपकी हाईट यानी लंबाई के अनुसार ठीक है या नहीं। एक तरह से इसे आपके शरीर की लंबाई और वजन का अनुपात कहा जा सकता है। एक सामान्य शरीर की बीएमआई 22.1 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
NAFLD* - नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिज़ीज (Non-Alcoholic Fatty liver disease or NAFLD)-उच्च वसायुक्त भोजन एवं अनुचित जीवनशैली के कारण व्यक्ति में मोटापे एवं डायबिटीज की समस्या होने लगती है जो कि फैटी लीवर होने में बड़े कारण है। शराब न लेने पर भी इन स्थितियों में फैटी लीवर होने की पूरी संभावना है।
लीवर ट्रांसप्लांट -
कई बार मरीज का लीवर बिल्कुल खराब हो चुका होता है। ऐसी स्थिति में नया लीवर ट्रांसप्लांट करने की जरूरत होती है। लीवर ट्रांसप्लांट के बाद मरीज बिल्कुल स्वस्थ हो जाता है। यहां यह बात बहुत महत्व रखती है कि लीवर डोनर लीवर देने के बाद भी पहले की तरह सामान्य जीवन जिता है। लीवर मानव शरीर का ऐसा अंग है जिसका पुनःनिर्माण हो जाता है। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति 50% लीवर दान कर सकता है।

No comments:
Post a Comment