मधुमेह दिवस का महत्व
इस दिन लोगो को मधुमेह के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने का प्रयास किया जाता है। शिविर के माध्यम से आमजन में फैली भ्रान्तियों को दूर करना व रोग के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया जाता है। रक्त शर्करा टेस्ट करने के लिए भी शिविर लगाए जाते हैं।
मधुमेह क्या है ?
हमारे भोजन और पेय पदार्थों में मौजूद चीनी एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है। कार्बोहाइड्रेट के विघटन से हमारे शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति मिलती है। हम जो कार्बोहाइड्रेट खाते हैं उसको पूरे शरीर मे वितरित करने का काम खून करता है।
शर्करा या कार्बोहाइड्रेट को पूरे शरीर की छोटी से छोटी कोशिकाओं तक पहुंचाने के कार्य में "इंसुलिन" नाम का एक हार्मोन मदद करता है। मानव शरीर में इंसुलिन को बनाने का काम अग्नाश्य pancreas करता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि अग्नाश्य पर्याप्तमात्र में इंसुलिन नहीं बना पाता तब रक्त शरीर में शर्करा का संवहन ठीक से नहीं कर पाता और रक्त में शर्करा की मात्रा जमा होने लगती है, इसी स्थिति को मधुमेह का जाता है।
मधुमेह की बीमारी का कारण -
देश में 45 साल से अधिक उम्र के मधुमेह रोगियों की संख्या 5 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है। मधुमेह के लिए आनुवंशिकता, तनाव, आधुनिक जीवनशैली, अनुचित खान-पान जिम्मेदार हैं।
भारत सरकार द्वारा निर्मित शुगर बोर्ड ने प्रतिदिन 25ग्राम से अधिक चीनी खाने को मधुमेह का खतरा बताया है।
इसलिए स्वस्थ जीवन जीने हेतु चीनी का कम मात्रा में सेवन करें ताकि आप मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी बीमारी से सुरक्षित रहें।
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