Friday, September 9, 2022

ओज़ोन दिवस - 16 सितंबर


ओजोन वायुमंडल में उपस्थित एक गैस है। वास्तव में ओजोन ऑक्सिजन का ही एक प्रकार है इसे रासायनिक सूत्र O3 द्वारा दर्शाया जाता है।

ऑक्सिजन के 3 अणु जब आपस में मिलते हैं तो ओजोन बनती है।

ओजोन डे क्यों मनाया जाता है ?

सन् 1985 में सबसे पहले ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे में वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन पर्त में एक बहुत बड़े छिद्र का पता लगाया।

क्या होती है ओजोन पर्त ?

ओजोन  पर्त पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद एक पर्त है। यह पर्त पृथ्वी पर सूर्य से आने वाले प्रकाश में उपस्थित परा बैंगनी किरणें या अल्ट्रा वॉयलेट रे से बचाती है।

ओजोन पर्त की खोज सन् 1913 में फ्रांस के भौतिक वैज्ञानिक चार्ल्स फैबरी और हेनरी बुसान ने की थी।

ओजोन पर्त को नुकसान पहुंचाने के लिए "क्लोरो-फ्लोरो कार्बन" नाम की गैस जिम्मेदार है। यह गैस घर में काम आने वाले फ्रिज, AC आदि से बहुत ज्यादा मात्रा में उत्सर्जित होती है।

इस गैस के उत्सर्जन को कम करने हेतु विश्व के कई देशों ने 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात 1995 में ओजोन पर्त को सुरक्षित रखने के लिए 16 सितम्बर को ओजोन दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

पृथ्वी से 30-40 किलोमीटर ऊँचाई पर ओजोन गैस का 91% भाग आपस में मिलकर ओजोन पर्त बनाते हैं।

दिन-रात बढ़ रही फैक्ट्रियों व कारखानों से निकलने वाली हानिकारक गैस से भी ओजोन पर्त को लगातार नुकसान हो रहा है। 

यदि ओजोन पर्त को नहीं बचाया गया तो परा बैंगनी किरणों के दुष्प्रभाव के चलते इंसान अनेकों बीमारियों का शिकार हो जाएगा।

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