Thursday, October 8, 2020

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस

 


लड़का और लड़की के बारे में भेदभाव की तमाम घटनाएं संसार के हर कोने से सामने आती रहती हैं। आज भी दुनिभा भर की बालिकाएं अपने अधिकारों से कोसों दूर हैं। बालिकाओंं को उनका अधिकार और सम्मान देने के साथ ही पूरी दुनिया को जागरूक करने के मकसद से हर साल 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Girl Child Day) मनाया जाता है। साल 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गर्ल चाइल्ड डे यानि की शिशु बालिका दिवस को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में अपनाए गए एक प्रस्ताव को पारित किया था।

कैसे हुई शुरुआत

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत एक NGO यानी गैर सरकारी संगठन प्लान इंटरनेशनल के प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। इस संगठन ने "क्योंकि मैं एक लड़की हूं" नाम से एक अभियान की भी शुरुआत की थी। इस अभियान के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के लिए कनाडा सरकार से संपर्क किया गया। कनाडा सरकार ने 55वें आम सभा में इस प्रस्ताव को रखा और 19 दिसंबर 2011 को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित किया। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के लिए 11 अक्टूबर की तारीख तय की गई और सन् 2012 से हर साल इसे मनाया जाने लगा।

जब पहली बार अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर, 2012 को मनाया गया, तब इसकी थीम थी - बाल विवाह उन्मूलन। इसके बाद हर साल की थीम बदलती रहती है। साल 2020 की थीम है हमारी आवाज और हमारा समान भविष्य। इस थीम के जरिए समाज में ये संदेश देना है कि कैसे छोटी बालिकाएं आज पूरी दुनिया को एक रास्ता दिखाने का प्रयास कर रही हैं।

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